Amarkant Singh / Thu, Feb 12, 2026 / Post views : 31
भिण्ड । जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने केंद्रीय बजट में जिले के विकास के लिए मीडियाकर्मियों द्वारा सवाल किए जाने पर भिंड प्रवास पर आए प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना द्वारा उचित उत्तर न देते हुए भड़ककर तीखे तेवर में बोलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निंदा की है।
कांग्रेस मीडिया प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने कहा कि देश के चौथे स्तंभ कहलाये जाने वाले मीडियाकर्मियों द्वारा जन विकास के मुद्दे पर भाजपा सरकार के जिम्मेदार नेता,मंत्री,सांसद और विधायकों से जब भी सवाल किया जाता है,तो वह उचित एवं ठोस जबाब देने के बजाय उल्टे पत्रकारबन्धुओ पर ही भड़क उठते हैं,इससे ऐसा लगता है,कि पत्रकारों द्वारा जन विकास से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने पर भाजपा के नेताओं और मंत्रियों को मीडियाकर्मियों पर भड़कने की आदत पड़ गई है,हो भी क्यों न ,जब भाजपा सरकार ने जन विकास के कोई काम नहीं किए तो जनता या पत्रकार को ठीक से उत्तर क्या दे सकते हैं। अभी हाल के घोषित हुए बजट में आमजनता को महंगाई से कोई राहत नहीं मिली ।
त्रिपाठी ने यह बात केंद्र सरकार के बजट की खूबियों को बताने के लिए मंगलवार को भिंड प्रवास पर आये प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि इस बजट में भिंड जिले को क्या मिला है,तो वह विस्तार से कुछ नहीं बता पाए। इतना ही नहीं, मीडियाकर्मियों ने जिले का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के बिषय में मंत्री जी से पूछा कि एनएच -719 को फोरलेन करने की घोषणा हो चुकी है,क्या यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के इस बजट में शामिल हुआ है,मंत्री जी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया,उल्टा यह कहने लगे कि कुछ लोगों की तो आलोचना करने की आदत हो गई है।
अब सत्ता के नशे में चूर भाजपा के मंत्री जी को यह कौन बताये कि आपकी त्रिपल इंजन की सरकार है,तो आमजन की आवाज उठाने वाले मीडियाकर्मियों के प्रश्नों के ठीक से उत्तर देने की भी जिम्मेदारी आप और आपकी सरकार की बनती है।
उन्होंने कहा भाजपा के शासनकाल में पत्रकारों के द्वारा सवाल पूछने पर ठीक से उत्तर देने के बजाय भाजपाई नेताओं और मंत्रियों द्वारा आए दिन गलत व्यवहार किए जाने कि खबरें आती रहती है,जैसे कि अभी कुछ दिन पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मीडियाकर्मियों द्वारा सवाल किये जाने पर सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा उचित उत्तर देने के बजाय क्या " घण्टा " जैसे बेतुकी बात बोली गई,तो कहीं धक्का-मुक्की करना,कैमरे छीनना अथवा तोड़ना,यहां तक कि धमकी- मारपीट और तो और झूठी एफआईआर दर्ज करा कर बेबजह परेशान किए जाने की खबरें मिलती रहती हैं ।त्रिपाठी ने कहा कि मीडियाकर्मियों द्वारा जनता से जुड़े सवालों का सत्ता में बैठे हुए जिम्मेदार मंत्री,सांसदों, विधायकों को शालीनता के साथ उचित एवं ठोस उत्तर देना चाहिए,क्योंकि यह सरकार और उसके जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं
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