Amarkant Singh / Fri, Feb 13, 2026 / Post views : 159
भिंड में इन दिनों एक अजीब खेल खेला जा रहा है जहां अवैध रूप से हो रहे रेत के उत्खनन की गाड़ियों को पकड़ने वाला कोई नहीं है लेकिन जो गरीब अपनी मिट्टी ढोकर काम चला रहे हैं उनको पकड़ने में खनिज विभाग मस्त है ऐसे खनिज भाग को में तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा क्योंकि उन्हें भिंड में अभी तक अवैध और रेत खनन करती हुई रेत की गाड़ियां नहीं मिली लेकिन मिट्टी की ट्रैक्टरों को बंद करने में उन्हें मजा आता है बता दे की भिंड जिले में पुलिस विभाग और मायनिंग के गढ़जोड़ और राजनीतिकों के आशीर्वाद से यह खेल खेला जा रहा है जिसमें मीडिया की भी मूक भूमिका है भिंड में माइनिंग का जो ठेका है उनके द्वारा जो अवैध रूप से उत्खनन का कार्य संचित हो रहा है वह नाका कहीं लगाए हैं और नाके पर रसीद कहीं की काटी जा रही है यह अपने आप में एक गजब खेल खेला जा रहा है सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसमें मीडिया भी चुप है क्या कारण है क्या आखिर मीडिया कुछ बोल नहीं पा रही बता दें कि आम जनता को पता है कि पुलिस विभाग की मिली भगत से या अवैध उत्खनन हो रहा है क्योंकि रेत पर जो थाने हैं उन थानों को कौन चलवा रहा है क्या जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को मालूम नहीं या राजनेताओं को मालूम नहीं या मीडिया को मालूम नहीं कि वह लोग कैसे काम कर रहे हैं लेकिन लगता है कि मीडिया पर भी कोई दबाव है जिस कारण वह सही खबर नहीं लिख पा रहे यहां सिंधु नदी को पनडुब्बी डालकर खोखला किया जा रहा है जिसके लिए कांग्रेस आंदोलन भी कर रही है की जो मीनिंग की खदान है आवंटित हुई है ठेकेदार को उनका सीमांकन हुआ नहीं है और कुछ इलाकों में वह अवैध उत्खनन हो रहा है जहां खदान स्वीकृति नहीं है वहां पर मीनिंग ठेकेदार द्वारा रसीद किस हिसाब से काटी जा रही है क्योंकि पुलिस थानों के सामने से अवैध ओवरलोड बाहर निकलते हैं जिससे लोग लोगों को अब लगने लगा है कि बिना पुलिस की मिली भगत से कोई भी कार्य नहीं हो सकता चाहे कानून व्यवस्था ध्वस्त हो जाए लेकिन अवैध उत्खनन के काम में मस्त पुलिस प्रशासन माइनिंग विभाग शहर सभी फल फूल रहे हैं भिंड जिले में विकास हो नहीं रहा है केवल यही विकास है कि जितना हो सके अवैध रेत का उत्खनन करो क्योंकि माइनिंग वाले भी जब ट्रैक्टर ट्राली निकलते हैं यह नहीं दिखता की क्लास में कितने ट्रैक्टर ट्राली निकाल रहे दिन में कितनी निकल रहे हैं थानों को कैसे मैनेज किया जाता है अब देखने वाली बात है कि भिंड की इस व्यवस्था पर मध्य प्रदेश सरकार या कौन नकेल कसता है...
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