Amarkant Singh / Mon, Feb 23, 2026 / Post views : 208
भिण्ड मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को साकार करने हेतु कृषि उपज के बेहतर मूल्य की सुनिश्चितता पर विशेष जोर दिया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली इस पहल में सार्वजनिक उपार्जन प्रणाली, भावांतर योजना और आधुनिक विपणन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस दिशा में रिकॉर्ड 8,091 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाते हुए सही समय पर उचित दाम सुनिश्चित करेगा।
राज्य की मजबूत सार्वजनिक खरीद प्रणाली किसानों को मंडी तक आसानी से पहुंच प्रदान करती है। पिछले रबी सीजन 2024-25 में 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल (125 रुपये बोनस सहित) पर भुगतान किया गया। इससे किसानों को लाखों रुपये का लाभ हुआ।
गेहूँ के अलावा धान, सोयाबीन, कोदो-कुटकी, चना, उड़द एवं मसूर जैसी फसलों के उपार्जन हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। भावांतर योजना, बोनस राशि, मंडियों में सुविधाओं का विस्तार तथा थ्ंतउ ळंजम पोर्टल जैसी व्यवस्थाएँ कृषकों को बाजार से जोड़ने में सहायक होंगी। खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित मार्केट प्लेस से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने के लिये बुनियादी ढांचे, परिवहन, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था को निरंतर सुदृढ किया जा रहा है। कृषि उपज के बेहतर मूल्य की सुनिश्चितता हेतु वर्ष 2026-27 के लिए रू 8,091 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं
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