Amarkant Singh / Thu, Feb 12, 2026 / Post views : 37
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में इन दिनों अवैध रूप से उत्खनन में बदनाम होता जा रहा है जहां एक और जिला खनिज विभाग नाकाम हो रहा है वहीं आम जनता का कहना है कि पुलिस प्रशासन की मिली भगत से यह अबैध काम चल रहा है जिस पर भिंड ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष ने एक प्रदर्शन भी किया कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की भिंड जिले में जो माइनिंग कंपनी और ठेकेदार हैं उनको मात्र 60% का ही ठेका हुआ है लेकिन वह और खनन 100% पर कर रहे हैं प्रताप प्रशासन ने अभी तक कोई सीमांकन भी नहीं किया यहां पर हम बता दें कि भिंड जिले में पिछले कई सालों से अवैध उत्खनन में पुलिस विभाग भी शामिल रहने की खबरें आती नहीं है क्योंकि बता दे भिंड जिले में जो थाना प्रभारी एक बार रेत के थाने में रह जाता है वह बार-बार भिंड जिले में आता है उसका अगर ट्रांसफर भी हो जाता है तो वह दोबारा लौटकर भी भिंड में आता है क्योंकि भिंड जिले को पीले सोने की खदान यानी रेत की खदान माना जाता है अगर इन थाना प्रभारी की संपत्ति की जांच कराई जाए तो जब इन्होंने सर्विस ज्वाइन की थी तब इनकी संपत्ति कितनी थी आज उनकी संपत्ति कितनी है क्योंकि बिना पुलिस प्रशासन के कोई भी अनैतिक उत्खनन नहीं हो सकता लोगों को का यहां तक कहना है कि इस उत्खनन पर वसूली के लिए प्राइवेट लोगों. लगाया जाता हैं. इसलिए जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश शासन को चाहिए कि जो थाना प्रभारी एक बार जिले में रह चुके हैं द्वारा आने का कारण क्या है तथा उनकी संपत्ति की जांच कराई जाए क्योंकि ओवरलोड वाहन जो तेजी से दौड़ते हैं उनसे कई बार दुर्घटना घट चुकी है वही हम बात करें तो चंबल पुल ओवरलोड के कारण कई बार बंद हो चुका है मगर उसके बावजूद ओवरलोड के वहां चल रहे हैं तथा इनकी रोकथाम के लिए कोई भी कठोर कदम नहीं उठाई जा रहे हैं
विज्ञापन
विज्ञापन